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आतंकवाद

आज के समय में यदि कोई सज्जन आतंकवाद का नाम जैसे ही लेता है , हमारे दिमाग में एक तस्वीर बनती है कि कोई व्यक्ति हे उसने कुर्ता पहना हुआ है और दाड़ी बड़ी हे और हाथों में हथियार थामे हुए हे , मेरे कहने का मतलब सिर्फ इतना की हम लोग आतंकवाद को एक विशेष धर्म या संप्रदाय से जोड़कर देखते है, जबकि वास्तिविकता यह है कि आतंकवादी जब आतंक फैलाने के लिए निकलता है तो वह किसी धर्म संप्रदाय विशेष को छूट नही देता है । जब वह आतंकवादी नही सोचता धर्म के बारे में या संप्रदाय के बारे में तो हमे भी नही सोचना चाहिए । अब बात करते हे आतंकवादी होता क्या है , यह एक विशेष प्रकार का निर्मम हत्यारा होता है जो अपने किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और अपनी बात या इच्छाओं की पूर्ति करवाने के लिए मासूम और निहत्थे लोगो पर मौत का भय जगाकर के उनको ढाल बनाकर किसी भी देश की सरकार को झुकाना पसन्द करता है। यह आतंकवादी कभी भी किसी देश से आमने सामने की लड़ाई नही करते हे हमेशा डरते हे , पर सुरक्षा व्यवस्था को भेद कर देश के भीतर जाकर वहां की आम जनता को अपना शिकार बनाकर भय का माहौल बनाते है । हां कुछ देश है जो इस प्रकार के असामाजिक कृत्य में उन आतंकवादी संगठन का साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से देते है । यह आतंकवादी संगठन गरीब परिवार के नवयुवको को तरह तरह के प्रलोभन देकर उन्हें अपने साथ दुष्कृत्य करने के लिए शामिल कर लेते है, और उन युवको को वो संगठन वाले निर्मम हत्यारा बनाने के लिए प्रशिक्षित करते हे और प्रशिक्षण पूर्ण होने पर उनके द्वारा सुनियोजित दुष्कार्य के लिए भेज देते है।

किसी भी देश की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर नही होती की कोई असामाजिक या आनापेक्षिक व्यक्ति अनाधिकृत रूप से प्रवेश आसानी से कर सके , पर उस देश में भी कुछ ऐसे गद्दार रहते है जो उन आतंकवादियों को मदद मुहैया कराते हे घुसपैठ के लिए वो मददगार लोग भी उन आतंकवादियों की तरह की निन्दा के योग्य है। जब घुसपैठ सफल होती है और वो आतंकवादी अपने काम को अंजाम देते है तो कई माशुम अपनी जान गवा देते हे कई घर तबाह होजाते हे और जब वो आतंकवादी पकडे जाते हे तो उनके आतंकवादी संगठन उन्हें पहचानने तक से इनकार कर देते है , यह तक की हमले में मृत आतंकवादियों को भी दफनाने की जगह नही देते है खुद के मुल्क में , और इस तरह ये आतंकवादी संगठन मानवता को मानवता के हाथों से खात्मा करवा देते है, सिर्फ और सिर्फ अपनी किसी एक जिद्द को पूरा करने के लिए । यह आतंकवादी, अलगाववादी जैसी समस्याओ का एक ही हल हे और वह हे “शिक्षा” ।

©हिमांशु वर्मा

https://www.facebook.com/himanshu.verma.73594

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One comment

  1. Suprbbbb…….

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